समय
समय एक अनमोल चीज है जो जो अमीर, गरीब,निष्पाप, पापी सभी के लिए एक बराबर होती है, किसी के लिए कम किसी के लिए ज्यादा नहीं होता फिर भी कोई मनुष्य समय को कम बताती, तो किसी की समय कटती नहीं यह है बड़ी चिंतनीय क्यों एक को ज्यादा हैं क्यों एक को कम किंतु सच तो यही है कि यह सब के लिए बराबर हैं।
समय के प्रति मनुष्य के मर्म को समझना बड़ी ही कठिन है। इस अनमोल समय पर मैंने चंद पंक्तियां लिखी है
तु समझ नहीं आती, बस चलती जाती है।
जब तू समझ आती, समय चली जाती है।
मुसीबतों की समय, तू बढ़ जाती है।
सुख में तू स्वत: कम हो जाती है।
यु तो तू है सबको, निश्चल बराबर।
पता नहीं फिर भी, क्यों छल जाती है।
कुछ ही मात्र, तुझको समझ पाए।
बहुतायन तो, तुझको देखते ही जाए।
तेरे जाने के बाद सभी तुझे याद करती है
रहते ही तेरी, कदर न करती है।
तुझे रोका है केवल रावण ने।
हम निष्पाप से क्यों नहीं रुकती।
तु समझ नहीं आती, बस चलती जाती है।
जब तू समझ आती, समय चली जाती है।
©25june2020दिल के दरवाजे से... समय yogendra prasad sahu All right reserved.
समय एक अनमोल चीज है जो जो अमीर, गरीब,निष्पाप, पापी सभी के लिए एक बराबर होती है, किसी के लिए कम किसी के लिए ज्यादा नहीं होता फिर भी कोई मनुष्य समय को कम बताती, तो किसी की समय कटती नहीं यह है बड़ी चिंतनीय क्यों एक को ज्यादा हैं क्यों एक को कम किंतु सच तो यही है कि यह सब के लिए बराबर हैं।
समय के प्रति मनुष्य के मर्म को समझना बड़ी ही कठिन है। इस अनमोल समय पर मैंने चंद पंक्तियां लिखी है
तु समझ नहीं आती, बस चलती जाती है।
जब तू समझ आती, समय चली जाती है।
मुसीबतों की समय, तू बढ़ जाती है।
सुख में तू स्वत: कम हो जाती है।
यु तो तू है सबको, निश्चल बराबर।
पता नहीं फिर भी, क्यों छल जाती है।
कुछ ही मात्र, तुझको समझ पाए।
बहुतायन तो, तुझको देखते ही जाए।
तेरे जाने के बाद सभी तुझे याद करती है
रहते ही तेरी, कदर न करती है।
तुझे रोका है केवल रावण ने।
हम निष्पाप से क्यों नहीं रुकती।
तु समझ नहीं आती, बस चलती जाती है।
जब तू समझ आती, समय चली जाती है।
दिल के दरवाजे से...❤️
©25june2020दिल के दरवाजे से... समय yogendra prasad sahu All right reserved.

I am feeling importance of time...
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