गुरुवार, 1 जुलाई 2021

जूनून

लक्ष्य के प्रति अपनी सजगता को हमेशा बनाए रखने के लिए यह छोटी कविता मैंने लिखने की प्रयास की है :– जूनून


लक्ष्य की जुनून में जलना सीखो।
बनना है हीरा तो दबना सीखो।
बढ़ना है जीवन में तो पढ़ना सीखो।
पाना है मंजिल तो डर से लड़ना सीखो।
 
असफलता को स्वीकार कर प्रयास की सीढ़ी चढ़ो।
लक्ष्य को स्पष्ट कर खुद पाबंद की बेड़ी जड़ों।
लक्ष्य की जुनून में जलना सीखो।
बनना है हीरा तो दबना सीखो।

प्रेरण की हो कमी तो अपने आप से पूछो। 
क्यों जिंदगी में आया है विचार करो।
लक्ष्य की जुनून में जलना सीखो।
बनना है हीरा तो दबना सीखो।

कर्म ही जिंदगी का लक्ष्य है कर्म करना सीखो।
लक्ष्य साधने का मंत्र है सोच को प्रबल करो।
लक्ष्य की जुनून में जलना सीखो।
बनना है हीरा तो दबना सीखो। 

❤️दिल के दरवाजे से...❤️


© 1 july2020दिल के दरवाजे से... जुनून yogendra prasad sahu All right reserved







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